निदेशक संदेश

राज्य में सतर्कता अधिष्ठान का गठन उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान अधिनियम 1965) अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश, 2002 के द्वारा राज्य सरकार द्वारा किया गया है। सतर्कता अधिष्ठान एक विशेष पुलिस बल है जो राज्य सरकार के लोक सेवकों द्वारा भ्रष्टाचार और पद के दुरूपयोग सम्बन्धी शिकायतों की जांच करता है। साथ ही यह उन निजी व्यकितयों तथा एजेनिसयों, जो राज्य के लोक सेवकों के साथ भ्रष्टाचार के कथित कृत्यों में आपराधिक षडयंत्र के अन्तर्गत शामिल हों, के विरूद्ध भी विवेचना कर सकता है।

राज्य का सतर्कता अधिष्ठान अपने दो खण्ड कार्यालयों-देहरादून और हल्द्वानी (नैनीताल) के माध्यम से क्रमश: गढवाल और कुमांऊ मण्डल के अन्तर्गत कार्यरत है।

राज्य में भ्रष्टाचार से सम्बन्धित शिकायत करने हेतु सतर्कता अधिष्ठान, मुख्यालय में टोल-फ्री हेल्प लाईन नम्बर 1800 180 6666 तथा व्हट्स एप नम्बर 9456592300 स्थापित किया गया है साथ ही इस सम्बन्ध में आप सतर्कता अधिष्ठान से फेसबुक पेज www.facebook.com/fightagainstcorruption.uk पर लाईक कर जुड़ सकते हैं। अतः आप हेल्प लाईन नम्बर, व्हट्स एप नम्बर तथा फेस बुक पेज का आम जनता में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें।

भ्रष्टाचार राज्य एवं समाज दोनों के लिए घातक है। भ्रष्टाचार की कुरीति से प्रभावी ढंग से निपटने के पुनीत कार्य में समाज के प्रत्येक सदस्य की भागीदारी एवं अहम भूमिका है। मुझे विश्वास है कि राज्य के भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में आप अपना सम्पूर्ण समर्थन हमें प्रदान करेंगे।

उत्तराखण्ड सतर्कता अधिष्ठान की वेब साइट में राज्य के सतर्कता अधिष्ठान की कार्यप्रणाली सम्बन्धी समस्त सूचनांए उपलब्ध की गयी हैं। इस वेबसार्इट को और अधिक उपयोगी बनाने विषयक आपके सुझावों का सदैव स्वागत है।

वि. विनय कुमार

निदेशक सतर्कता